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गजनाधाम जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति पर समाजसेवी राजकुमार रजक ने उठाई आवाज,

 

गजनाधाम जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति पर समाजसेवी राजकुमार रजक ने उठाई आवाज जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से की शीघ्र पहल की मांग

नवीनगर (औरंगाबाद)। नवी


नगर प्रखंड की सीमा पर अवस्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माँ गजनाधाम मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह धाम नवीनगर प्रखंड मुख्यालय का एकमात्र प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से आद्रा मेला के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। दूर-दराज के जिलों सहित बिहार एवं झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु गजनाधाम पहुंचकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

इसी संदर्भ में वरिष्ठ समाजसेवी, एस.एस. संघ के जिला अध्यक्ष (औरंगाबाद), पूर्व गजना महोत्सव समिति के सह सचिव एवं गजनाधाम न्यास समिति के सदस्य राजकुमार रजक ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, प्रखंड प्रशासन, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा मीडिया का ध्यान आकर्षित करते हुए गजनाधाम जाने वाली सड़क की जर्जर स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

राजकुमार रजक ने कहा कि गजनाधाम की ख्याति लगातार बढ़ रही है और यहां श्रद्धालुओं की संख्या वर्ष दर वर्ष बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद नवीनगर से गजनाधाम जाने वाली मुख्य सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। सड़क जगह-जगह टूट चुकी है, गड्ढों से भरी हुई है तथा कई स्थानों पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से कर्मा-खरौंधा के समीप स्थित टूटी हुई पुलिया श्रद्धालुओं एवं आम यात्रियों के लिए खतरे का कारण बनी हुई है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

उन्होंने कहा कि आद्रा मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु गजनाधाम पहुंचते हैं, लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा उठाकर यात्रा करनी पड़ती है। ऐसी स्थिति में संबंधित विभागों एवं प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेते हुए सड़क एवं पुलिया की मरम्मत करानी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का लाभ मिल सके।

राजकुमार रजक ने क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्यों, प्रखंड स्तरीय अधिकारियों तथा प्रशासनिक पदाधिकारियों से अपने-अपने स्तर पर पहल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गजनाधाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान है। इसलिए इसके विकास एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ठोस कदम उठाना आवश्यक है।

उन्होंने प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से भी विशेष आग्रह किया कि वे इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाएं ताकि शासन एवं प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके। उनके अनुसार मीडिया जनसमस्याओं को सामने लाने का सशक्त माध्यम है और गजनाधाम मार्ग की समस्या को व्यापक स्तर पर उठाने से इसके समाधान की दिशा में तेजी आ सकती है।

राजकुमार रजक ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में जिला प्रशासन द्वारा गजनाधाम महोत्सव के आयोजन को लेकर आयोजित बैठक में उन्होंने नवीनगर पुल स्थित सार्वजनिक शौचालय के समीप गजनाधाम तोरण द्वार (प्रवेश द्वार) निर्माण का प्रस्ताव रखा था। इस बैठक में जनप्रतिनिधियों, महोत्सव समिति के पदाधिकारियों, न्यास समिति के सदस्यों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया था। उनके अनुसार उपस्थित सभी लोगों ने इस प्रस्ताव का सर्वसम्मति से समर्थन किया था।

उन्होंने बताया कि उस समय अनुमंडल पदाधिकारी ने भी इस प्रस्ताव को उचित बताते हुए कहा था कि गजनाधाम जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के लिए एक भव्य तोरण द्वार का निर्माण होना चाहिए। इससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को गजनाधाम की दिशा पहचानने में सुविधा होगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

राजकुमार रजक ने कहा कि पटना, गया, आरा, भोजपुर सहित उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को गजनाधाम का मार्ग खोजने में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि नवीनगर पुल के समीप एक आकर्षक एवं भव्य तोरण द्वार का निर्माण कराया जाए तो श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन मिलेगा तथा गजनाधाम की पहचान और अधिक सुदृढ़ होगी।

उन्होंने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से मांग की कि गजनाधाम को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विशेष योजना बनाई जाए। साथ ही सड़क, पुलिया, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

अंत में राजकुमार रजक ने आशा व्यक्त की कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन, समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं मीडिया इस विषय को गंभीरता से लेते हुए गजनाधाम क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि माँ गजानन के भक्तों की सुविधा एवं क्षेत्र के समग्र विकास के लिए यह समय की मांग है।

जय गजानन माता।यह खबर समाचार पत्र में प्रकाशित करने योग्य शैली में तैयार की गई है। में लगभग 800 शब्दों की विस्तृत खबर तैयार की गई है:

गजनाधाम जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति पर समाजसेवी राजकुमार रजक ने उठाई आवाज, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से की शीघ्र पहल की मांग

नवीनगर (औरंगाबाद)। नवीनगर प्रखंड की सीमा पर अवस्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माँ गजनाधाम मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह धाम नवीनगर प्रखंड मुख्यालय का एकमात्र प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से आद्रा मेला के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। दूर-दराज के जिलों सहित बिहार एवं झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु गजनाधाम पहुंचकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

इसी संदर्भ में वरिष्ठ समाजसेवी, एस.एस. संघ के जिला अध्यक्ष (औरंगाबाद), पूर्व गजना महोत्सव समिति के सह सचिव एवं गजनाधाम न्यास समिति के सदस्य राजकुमार रजक ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, प्रखंड प्रशासन, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा मीडिया का ध्यान आकर्षित करते हुए गजनाधाम जाने वाली सड़क की जर्जर स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

राजकुमार रजक ने कहा कि गजनाधाम की ख्याति लगातार बढ़ रही है और यहां श्रद्धालुओं की संख्या वर्ष दर वर्ष बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद नवीनगर से गजनाधाम जाने वाली मुख्य सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। सड़क जगह-जगह टूट चुकी है, गड्ढों से भरी हुई है तथा कई स्थानों पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से कर्मा-खरौंधा के समीप स्थित टूटी हुई पुलिया श्रद्धालुओं एवं आम यात्रियों के लिए खतरे का कारण बनी हुई है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

उन्होंने कहा कि आद्रा मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु गजनाधाम पहुंचते हैं, लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा उठाकर यात्रा करनी पड़ती है। ऐसी स्थिति में संबंधित विभागों एवं प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेते हुए सड़क एवं पुलिया की मरम्मत करानी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का लाभ मिल सके।

राजकुमार रजक ने क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्यों, प्रखंड स्तरीय अधिकारियों तथा प्रशासनिक पदाधिकारियों से अपने-अपने स्तर पर पहल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गजनाधाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान है। इसलिए इसके विकास एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ठोस कदम उठाना आवश्यक है।

उन्होंने प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से भी विशेष आग्रह किया कि वे इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाएं ताकि शासन एवं प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके। उनके अनुसार मीडिया जनसमस्याओं को सामने लाने का सशक्त माध्यम है और गजनाधाम मार्ग की समस्या को व्यापक स्तर पर उठाने से इसके समाधान की दिशा में तेजी आ सकती है।

राजकुमार रजक ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में जिला प्रशासन द्वारा गजनाधाम महोत्सव के आयोजन को लेकर आयोजित बैठक में उन्होंने नवीनगर पुल स्थित सार्वजनिक शौचालय के समीप गजनाधाम तोरण द्वार (प्रवेश द्वार) निर्माण का प्रस्ताव रखा था। इस बैठक में जनप्रतिनिधियों, महोत्सव समिति के पदाधिकारियों, न्यास समिति के सदस्यों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया था। उनके अनुसार उपस्थित सभी लोगों ने इस प्रस्ताव का सर्वसम्मति से समर्थन किया था।

उन्होंने बताया कि उस समय अनुमंडल पदाधिकारी ने भी इस प्रस्ताव को उचित बताते हुए कहा था कि गजनाधाम जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के लिए एक भव्य तोरण द्वार का निर्माण होना चाहिए। इससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को गजनाधाम की दिशा पहचानने में सुविधा होगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

राजकुमार रजक ने कहा कि पटना, गया, आरा, भोजपुर सहित उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को गजनाधाम का मार्ग खोजने में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि नवीनगर पुल के समीप एक आकर्षक एवं भव्य तोरण द्वार का निर्माण कराया जाए तो श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन मिलेगा तथा गजनाधाम की पहचान और अधिक सुदृढ़ होगी।

उन्होंने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से मांग की कि गजनाधाम को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विशेष योजना बनाई जाए। साथ ही सड़क, पुलिया, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

अंत में राजकुमार रजक ने आशा व्यक्त की कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन, समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं मीडिया इस विषय को गंभीरता से लेते हुए गजनाधाम क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि माँ गजानन के भक्तों की सुविधा एवं क्षेत्र के समग्र विकास के लिए यह समय की मांग है।

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