औरंगाबाद जिला उपभोक्ता फोरम ने दिलाया न्याय: 7 साल बाद मिला पहला चेक।

- औरंगाबाद जिला उपभोक्ता फोरम ने दिलाया न्याय: 7 साल बाद मिला पहला चेक
वेलफेयर कंपनी में 10.45 लाख जमा करने वाले दंपती को मिली राहत, 6.41 लाख का चेक सौंपा।
औरंगाबाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, औरंगाबाद ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। देव थाना क्षेत्र के खेमचंद बीघा निवासी रविशंकर कुमार एवं उनकी पत्नी को वेलफेयर कंपनी में फंसे 10 लाख 45 हजार रुपये में से पहली किश्त के रूप में 6 लाख 41 हजार रुपये का चेक दिलवाया गया है।
*1. क्या है पूरा मामला*
रविशंकर कुमार और उनकी पत्नी ने वर्ष 2016 में वेलफेयर कंपनी की स्कीम में कुल 10,45,000 रुपये जमा किए थे। कंपनी ने निवेश की परिपक्वता अवधि 2023 तय की थी। परिपक्वता पूरी होने पर जब दंपती ने राशि मांगी तो कंपनी ने भुगतान करने से इनकार कर दिया।
कई बार कंपनी के चक्कर काटने और नोटिस भेजने के बाद भी पैसा नहीं मिला। परेशान होकर रविशंकर कुमार ने औरंगाबाद जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया।
*2. उपभोक्ता फोरम का आदेश*
मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष ने इसे “सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार” माना। फोरम ने वेलफेयर कंपनी को आदेश दिया कि वह मूल राशि 10.45 लाख रुपये ब्याज सहित लौटाए।
फोरम के सख्त रुख के बाद कंपनी ने पहली किश्त के रूप में 6,41,000 रुपये का चेक कोर्ट में जमा किया। शुक्रवार को फोरम ने यह चेक रविशंकर कुमार और उनकी पत्नी को सौंप दिया।
*3. शेष राशि कब मिलेगी*
फोरम के आदेश के मुताबिक बकाया राशि का भुगतान बाद की तारीखों में किश्तों में किया जाएगा। यदि कंपनी आदेश का पालन नहीं करती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें संपत्ति कुर्की भी शामिल है।
*4. फोरम की अपील*
जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष ने कहा:
“निवेश से पहले कंपनी की विश्वसनीयता जांच लें। RBI या SEBI से अप्रूव्ड कंपनियों में ही पैसा लगाएं। यदि कोई कंपनी भुगतान नहीं करती है तो उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराएं। यहां सुनवाई तेज और खर्च न के बराबर है।”
*5. निवेशकों के लिए सबक*
1. *दस्तावेज संभालकर रखें:* जमा रसीद, बॉन्ड, एग्रीमेंट की मूल कॉपी जरूरी है।
2. *लिखित में लें:* कंपनी से भुगतान की तारीख और ब्याज दर लिखित में लें।
3. *समय पर शिकायत:* परिपक्वता के 2 साल के भीतर फोरम में केस दायर करें।
इस फैसले से उन हजारों निवेशकों में उम्मीद जगी है जिनका पैसा चिटफंड और फर्जी निवेश कंपनियों में फंसा है। जिला उपभोक्ता फोरम ने 2025-26 में अब तक 3.2 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि निवेशकों को वापस दिलवाई है।




