# औरंगाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप, नबीनगर की पंचायतों में भी वसूली की जांच की मांग
**गरीबों का नाम सूची से हटाकर सक्षम लोगों को लाभ देने का दावा, मुखिया संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी**
**औरंगाबाद।** प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मुखिया संघ ने आरोप लगाया है कि योजना की लाभार्थी सूची से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के नाम हटाकर सक्षम लोगों को लाभ देने का प्रयास किया गया है। संघ ने सवाल उठाया है कि यदि नाम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से हटाए गए हैं, तो इसका असर मुख्य रूप से गरीब परिवारों पर ही क्यों पड़ा?
मुखिया संघ ने मामले की जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों का दोबारा सर्वे कराकर उन्हें योजना का लाभ देने की मांग की है। मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
**नबीनगर प्रखंड में भी वसूली के आरोप**
वहीं, नबीनगर प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नाम जोड़ने के नाम पर कथित रूप से पैसे की उगाही किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई गई है।
स्थानीय स्तर पर उठ रहे इन आरोपों के मद्देनजर संबंधित अधिकारियों से मांग की गई है कि सभी पंचायतों में लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया और नाम जोड़ने के नाम पर कथित वसूली की जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता या अवैध वसूली की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
**गरीबों को मिले योजना का लाभ**
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने में सहायता देना है। ऐसे में लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता और पात्रता का ध्यान रखना आवश्यक है। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है और जरूरतमंद परिवारों को न्याय दिलाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।




