खजुरी पाण्डु पंचायत में अमीन प्रशिक्षण के लिए नामांकन शुरू, प्रत्येक वार्ड से चार लोगों का होगा चयन
नबीनगर प्रखंड के हर पंचायत मे होगा

खजुरी पाण्डु पंचायत में अमीन प्रशिक्षण के लिए नामांकन शुरू, प्रत्येक वार्ड से चार लोगों का होगा चय
नवीनगर/कुटुंबा (औरंगाबाद)। ग्रामीण युवाओं को भूमि सर्वेक्षण एवंखजुरी पाण्डु पंचायत में अमीन प्रशिक्षण के लिए नामांकन शुरू, प्रत्येक वार्ड से चार लोगों का होगा चयन
नवीनगर/कुटुंबा (औरंगाबाद)। ग्रामीण युवाओं को भूमि सर्वेक्षण एवं राजस्व कार्यों की जानकारी देने तथा उन्हें रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से एच.जी. फाउंडेशन द्वारा कुटुंबा प्रखंड की पंचायतों में अमीन (सर्वेक्षक) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में खजुरी पाण्डु पंचायत के प्रत्येक वार्ड से चार-चार इच्छुक लोगों का नामांकन किया जाएगा। संस्था की ओर से जारी सूचना के अनुसार नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इच्छुक अभ्यर्थी 20 जून तक अपना नामांकन करा सकते हैं।
जानकारी के अनुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंचायत स्तर पर ही आयोजित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। प्रशिक्षण के दौरान भूमि मापी, सर्वेक्षण की मूलभूत जानकारी, नक्शा एवं खेसरा की समझ, राजस्व अभिलेखों का अध्ययन तथा भूमि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। इससे युवाओं को भूमि एवं राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों को समझने और भविष्य में रोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
एच.जी. फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान समय में बिहार में भूमि सर्वेक्षण एवं राजस्व संबंधी कार्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित अमीनों की आवश्यकता भी बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को इस क्षेत्र में प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था का मानना है कि यदि पंचायत स्तर पर युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तो वे अपने क्षेत्र में ही लोगों की सहायता कर सकेंगे और भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान में योगदान दे पाएंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए खजुरी पाण्डु पंचायत के सभी वार्डों से चार-चार प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान भूमि सर्वेक्षण की तकनीकी जानकारी के साथ-साथ सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रतिभागी भूमि मापी, सीमांकन और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की बुनियादी समझ प्राप्त कर सकेंगे।
ग्रामीणों के बीच इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। पंचायत के कई युवाओं ने इसे रोजगार एवं कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है। उनका कहना है कि गांव में ही प्रशिक्षण की सुविधा मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को भी इसका लाभ मिलेगा। साथ ही महिलाओं और छात्र-छात्राओं को भी इसमें भाग लेने का अवसर मिलेगा।
संस्था द्वारा जारी पोस्टर में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रशिक्षण के साथ-साथ भूमि राजस्व दस्तावेजों, सर्वे कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर भी जानकारी प्रदान की जाएगी। इससे ग्रामीण जनता को सरकारी प्रक्रियाओं को समझने और आवश्यक दस्तावेजों के महत्व को जानने का अवसर मिलेगा।
पंचायत के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए अधिक से अधिक युवाओं से समय पर नामांकन कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा न केवल अपने लिए नए अवसर तैयार कर सकते हैं, बल्कि गांव के लोगों को भी भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान में मदद कर सकते हैं।
संस्था की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नामांकन की अंतिम तिथि 20 जून निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि से पहले अपना आवेदन जमा करना होगा। प्रशिक्षण की तिथि एवं स्थान की विस्तृत जानकारी नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी। खजुरी पाण्डु पंचायत में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और राजस्व संबंधी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राजस्व कार्यों की जानकारी देने तथा उन्हें रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से एच.जी. फाउंडेशन द्वारा कुटुंबा प्रखंड की पंचायतों में अमीन (सर्वेक्षक) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में खजुरी पाण्डु पंचायत के प्रत्येक वार्ड से चार-चार इच्छुक लोगों का नामांकन किया जाएगा। संस्था की ओर से जारी सूचना के अनुसार नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इच्छुक अभ्यर्थी 20 जून तक अपना नामांकन करा सकते हैं।
जानकारी के अनुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंचायत स्तर पर ही आयोजित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। प्रशिक्षण के दौरान भूमि मापी, सर्वेक्षण की मूलभूत जानकारी, नक्शा एवं खेसरा की समझ, राजस्व अभिलेखों का अध्ययन तथा भूमि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। इससे युवाओं को भूमि एवं राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों को समझने और भविष्य में रोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
एच.जी. फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान समय में बिहार में भूमि सर्वेक्षण एवं राजस्व संबंधी कार्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित अमीनों की आवश्यकता भी बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को इस क्षेत्र में प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था का मानना है कि यदि पंचायत स्तर पर युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तो वे अपने क्षेत्र में ही लोगों की सहायता कर सकेंगे और भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान में योगदान दे पाएंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए खजुरी पाण्डु पंचायत के सभी वार्डों से चार-चार प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान भूमि सर्वेक्षण की तकनीकी जानकारी के साथ-साथ सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रतिभागी भूमि मापी, सीमांकन और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की बुनियादी समझ प्राप्त कर सकेंगे।
ग्रामीणों के बीच इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। पंचायत के कई युवाओं ने इसे रोजगार एवं कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है। उनका कहना है कि गांव में ही प्रशिक्षण की सुविधा मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को भी इसका लाभ मिलेगा। साथ ही महिलाओं और छात्र-छात्राओं को भी इसमें भाग लेने का अवसर मिलेगा।
संस्था द्वारा जारी पोस्टर में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रशिक्षण के साथ-साथ भूमि राजस्व दस्तावेजों, सर्वे कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर भी जानकारी प्रदान की जाएगी। इससे ग्रामीण जनता को सरकारी प्रक्रियाओं को समझने और आवश्यक दस्तावेजों के महत्व को जानने का अवसर मिलेगा।
पंचायत के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए अधिक से अधिक युवाओं से समय पर नामांकन कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा न केवल अपने लिए नए अवसर तैयार कर सकते हैं, बल्कि गांव के लोगों को भी भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान में मदद कर सकते हैं।
संस्था की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नामांकन की अंतिम तिथि 20 जून निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि से पहले अपना आवेदन जमा करना होगा। प्रशिक्षण की तिथि एवं स्थान की विस्तृत जानकारी नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी। खजुरी पाण्डु पंचायत में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और राजस्व संबंधी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



