औरंगाबाद में स्कूल गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जागा जिला प्रशासन, DTO-DEO से सभी स्कूलों के वाहनों की जांच के आदेश, लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई।

औरंगाबाद में स्कूल गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जागा जिला प्रशासन, DTO-DEO से सभी स्कूलों के वाहनों की जांच के आदेश, लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई।
*औरंगाबाद 4जुलाई 2026*
औरंगाबाद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अंबा स्थित संत जेवियर्स पब्लिक स्कूल के बच्चों को ले जा रही एक टाटा मैजिक वैन बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे दुर्घटनाग्रस्त होकर सड़क किनारे नहर में गिर गई थी। हादसे में वैन में सवार लगभग 15 स्कूली बच्चे घायल हो गए थे। घटना के बाद जिला प्रशासन एक्शन में आ गया है और जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने तीन विभागों से जवाब-तलब किया है।
*DM ने लिया संज्ञान: जर्जर वाहन, मानकों की अनदेखी का आरोप*
घटना की सूचना मिलते ही जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने इसे गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि स्कूल द्वारा बच्चों के परिवहन के लिए काफी पुरानी और जर्जर अवस्था की वैन का उपयोग किया जा रहा था। साथ ही विद्यालय वाहनों के संचालन में निर्धारित मानकों की अनदेखी की आशंका भी जताई गई है।
*तीन स्तर पर कार्रवाई: प्राचार्य, DTO और DEO से स्पष्टीकरण तलब*
DM अभिलाषा शर्मा ने तत्काल तीन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। संत जेवियर्स पब्लिक स्कूल के प्राचार्य से जर्जर वाहन के उपयोग पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही स्कूल में छात्रों के परिवहन की मानक प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया है।
जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) दुर्घटनाग्रस्त वाहन के परमिट, फिटनेस, बीमा, स्कूल वाहन मानकों के अनुपालन और वाहन के खिलाफ पहले की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) घटना पर विस्तृत प्रतिवेदन देने और जिले के सभी निजी व सरकारी स्कूलों की परिवहन व्यवस्था की समग्र जांच करने का निर्देश दिया है।
*”बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता”: DM का सख्त आदेश*
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिले के सभी स्कूलों में बच्चों के आवागमन के लिए केवल वैध, फिटनेस प्रमाणित और सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले वाहनों का ही उपयोग हो।
*DM ने चेतावनी दी कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
*जिला प्रशासन का बयान*: “स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्कूल परिवहन के सभी नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। इस दुर्घटना में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलती है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

यह हादसा एक बार फिर स्कूल वाहनों की फिटनेस और ड्राइवरों की योग्यता पर सवाल खड़े करता है। अभिभावकों से अपील है कि अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले वाहन की स्थिति जरूर जांच लें।



